top of page

कंपनी सामाजिक जिम्मेदारी (C.S.R) : एक खोखला वादा या एक वास्तविक प्रतिबद्धता?

  • Media Samvad Editor
  • Jul 10, 2024
  • 3 min read

कंपनी सामाजिक जिम्मेदारी (C.S.R) : एक खाली वादा या एक वास्तविक प्रतिबद्धता?

 

जैसा कि भारत का कार्पोरेट  परिदृश्य बढ़ रहा है , उद्यम सामाजिक जिम्मेदारी (सी.एस.आर) के दावों के पीछे वास्तविक इरादों के बारे में चिंता बढ़ रही है। क्या यह सिर्फ एक सार्वजनिक संबंध अभ्यास है, जिसका उद्देश्य ब्रांड छवि को बढ़ावा देना है और नियामक को आकर्षित करना है, या क्या यह वास्तव में समाज को वापस देने के लिए एक प्रतिबद्धता को दर्शाता है?

 

जवाब भारतीय कंपनियों की चिंताजनक प्रवृत्ति में है जो लोगों से ज्यादा  लाभ को प्राथमिकता देती  हैं। (सी.एस.आर) पर सरकार के जोर के बावजूद, कई कंपनियां, Philanthropy को एक आवश्यक बुराई के रूप में नहीं देखती हैं, एक सच्चे प्रयास के बजाय अधिकारियों के साथ अनुग्रह करने का एक साधन  के रूप में इसका अभ्यास करती हैं।

 

हमारे पूर्व लेख https://www.media-samvad.com/post/बालको-ऑडिट-क्या-है-सच  में हमने एक बड़ी बहुराष्ट्रीय  कंपनी के आडिट के संबंध में कुछ जानकारी दी थी| (कृपया उपरोक्त लेख को अवश्य पढ़ें ) ताकि इस लेख के विषयों पर आप मंथन कर सकें|

 

उपरोक्त लेख के लिए गए उदाहरण कंपनी में, वेदांता की अनुषांगिक कंपनी, बाल्को, कोरबा (जिसमे भारत सरकार की भी 49% भागीदारी है) भी शामिल है|

 

जैसा कि हमारे उपरोक्त लेख में उल्लेखित किया गया था कि भारत सरकार द्वारा किसी भी कंपनी को नौं सिधांतों पर प्रचालन करना अनिवार्य है (सिद्धांतों के लिए उपरोक्त लेख पढ़ें)|

और प्रत्येक कंपनी को इन नौं सिद्धांतों के परिपालन को, एक निश्चित प्रारूप (BRSR Report)  में सरकार को सूचित किया जाना अनिवार्य है|

 

इस लेख के लिए हम सिद्धांत क्र.5 “Businesses should respect and promote human rights”  के परिपालन में , वेदांता कंपनी की वर्ष 2024 की BRSR Report में उल्लेखित कुछ तथ्य लेख्य कर रहे हैं :

  

१.कर्मचारियों और श्रमिकों को मानव अधिकारों एवं  इकाई की नीतियों के मुद्दों पर प्रशिक्षण दिया गया है|

कुल कर्मचारी/श्रमिक (संख्या)

प्रशिक्षण दिया गया(संख्या)

कर्मचारी कुल संख्या - 13045

26081

स्थाई श्रमिक संख्या -   4760

2

अस्थाई श्रमिक संख्या - 79210

47609

२.     न्यूनतम वेतन का भुगतान जो कर्मचारियों और श्रमिकों को दिया जाता है|

कुल कर्मचारी/श्रमिक (संख्या)

न्यूनतम वेतन के बराबर भुगतान (संख्या)

न्यूनतम वेतन से अधिक भुगतान (संख्या )

कर्मचारी कुल संख्या - 13045

0

13045

स्थाई श्रमिक संख्या -   4760

14

4746

अस्थाई श्रमिक संख्या - 79210

12996

66655

 

३.     भुगतान/वेतन/भत्तो का विवरण



इस कंपनी के पास क्या श्रमिकों के वेतन  से संबंधित डाटा ही नहीं है| (ध्यान दें कि यह एक बहुराष्ट्रीय कंपनी है) , जिसके पास मानव अधिकारों की शिक्षा, कितने श्रमिकों को दी गई, उसका डाटा है, परन्तु अपने श्रमिकों को दिये जाने वाले वेतन के डाटा का संकलन यह कंपनी नहीं कर पाई है|

उपरोक्त डाटा का संकलन नहीं किया गया ,या कुछ और कारण से सूचित नहीं किया गया,  यह प्रश्न स्वाभाविक तौर पर उठता है|

फ़िलहाल इस लेख के लिए उपरोक्त तथ्य आपके मंथन एवं विचार करने हेतु दिए जा रहे हैं| आगे आने वाले लेखों में BRSR Report में वर्णित और कटु सत्य और तथ्य प्रकाशित किये जायेंगे|

 

विशेष: हमारी टीम द्वारा अथक मेहनत और प्रयास कर तथ्यों का संचय कर लेख प्रकाशित किये जाते हैं, पाठकों के द्वारा हमारे प्रकाशन का, समाज में संचार ही  हमारी टीम के सत्य उजागर करने के प्रयासों को प्रेरणा देगा| पाठकों से अपेक्षा है कि प्रकाशित लेखों का संचार  करने में हमारी मदद करें|

 

Disclaimer (लेखक द्वारा प्रकाशित खबर सूत्रों एवं तथ्यों पर आधारित है , एवं कई तथ्यों का किसी अन्य भाषा से अनुवाद किया गया है ,यदि किसी व्यक्ति/समाज/संगठन को उपरोक्त लेख में कोई  शब्द/वाक्य आपत्तिजनक लगे तो वह हमें saursujla99@gmail.com पर संपर्क कर विवरण भेज सकता है, भेजे हुए विवरण का प्रेस काउंसिल आफ इंडिया की मागदर्शिका अनुसार एवं  हमारे  सम्पादकीय दल द्वारा विश्लेषण एवं जांच उपरांत जांच रिपोर्ट प्रेषित किया जाएगा और जांच अनुसार  प्रकाशित लेख की पुनः विवेचना कर प्रकाशित किया जा सकेगा |   

 
 
 

Recent Posts

See All
पूर्व मंत्री का विस्फोटक पत्र :बालको प्रबंधन पर ‘Fraud on Tribunal’ के गंभीर आरोप

कोरबा | 18 दिसंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT), प्रधान पीठ, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 14.11.2022  को पारित स्पष्ट, अंतिम एवं बाध्यकारी आदेश  की जानबूझकर, सचेत और दुर्भावनापूर्ण अवहेलना  का एक अत्यंत गंभी

 
 
 
पूर्व मंत्री का सनसनीखेज खुलासा - कोरबा को अगला तूतीकोरन बनने से रोकने का प्रधानमंत्री से आग्रह

कोरबा | 14-12-2025 छत्तीसगढ़ के पूर्व राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल द्वारा बालको के वेदांता प्रबंधन पर जहरीली गैस हवा में उत्सर्जित करने एवं सरकारी विभागों से मिलीभगत कर कारखाने के संचालन की अनुमति

 
 
 

Comments


Subscribe to Our Newsletter

Thanks for submitting!

  • White Facebook Icon

© 2035 by Media Samvad. Powered and secured by Wix

मीडिया संवाद पत्रिका  
वेब पोर्टल 

​संचालक:राधेश्याम चौरसिया 

​RNI No. CHHHIN/2011/43442

bottom of page