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बलौदा बाजार हिंसा (घटना या साजिश )

  • Media Samvad Editor
  • Jun 12, 2024
  • 2 min read

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में हुई हिंसा की शुरुआत दो बच्चों के गायब होने से हुई। छह वर्षीय शौर्य चेलक और उनके साथी, जो रविवार से लापता थे, का शव मंगलवार को चकरबे गांव के एक खेत में मिला। यह घटना स्थानीय लोगों में आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर गई।

पुलिस ने इस मामले में गहन जांच शुरू की है और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस हिंसा के पीछे क्या कारण था। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह मामला संभवतः बाल तस्करी से जुड़ा हो सकता है, लेकिन इसके पीछे के वास्तविक कारणों की जांच जारी है। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने और ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर कदम उठाने का आश्वासन दिया है

इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, और लोगों में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों को जल्द ही पकड़ने का आश्वासन दिया है। 

बच्चों की मौत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक पर जिम्मेदारी तय की गई है।

स्थानीय पुलिस पर लापरवाही और जांच में धीमी गति का आरोप लगाया गया है। इसके परिणामस्वरूप, कलेक्टर चंदन कुमार का तबादला किया गया है और उन्हें बलौदा बाजार से हटाकर नई जगह पर तैनात किया गया है। पुलिस के खिलाफ भी जांच चल रही है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है

छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में हुई हिंसा का सिलसिलेवार क्रम इस प्रकार है:

1. गायब होना: 9 जून 2024 को, छह वर्षीय शौर्य चेलक और उनके साथी लापता हो गए। दोनों बच्चे अंतिम बार अपने घर के पास खेलते हुए देखे गए थे।

2. शवों की खोज: 11 जून 2024 को, दोनों बच्चों के शव चकरबे गांव के एक खेत में पाए गए। यह खबर मिलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया

3. प्रथम जांच: पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह संदेह जताया गया कि यह मामला बाल तस्करी से संबंधित हो सकता है

4. प्रदर्शन और हिंसा: बच्चों की मौत की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़क उठी और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।

 

5. प्रशासनिक कार्रवाई: घटना के बाद, प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बलौदा बाजार के कलेक्टर चंदन कुमार का तबादला कर दिया और पुलिस अधीक्षक पर भी कार्रवाई के आदेश दिए गए।

6. सुरक्षा व्यवस्था: स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बढ़ाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

इस घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं बल्कि स्थानीय समुदाय में भी भय और आक्रोश का माहौल पैदा किया है। पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 
 
 

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