रणनीतिक साझेदार की रणनीति – अदृश्य अर्थशास्त्र
- Media Samvad Editor
- Aug 8, 2025
- 2 min read

प्रस्तावना
पिछले लेख “रणनीतिक साझेदार की रणनीति – f(कल्याण)=विदाई” की कड़ी में, ये नया लेख कुछ और गहरे राज़ खोलता है-₹82.60 करोड़ की वार्षिक आय का रहस्य — DIPAM का गणित बनाम जमीनी हकीकत
"Babaji ka Thullu Economics" — सरकारी तिजोरी का विनिवेशीय फॉर्मूला
“हम 5.69 करोड़ का वार्षिक लाभ त्याग रहे हैं, परन्तु बेच कर जो 826 करोड़ मिलेंगे, उससे 10% कमाकर हम हर साल 82.60 करोड़ कमाएंगे।”
ये DIPAM के तत्कालीन सचिव का वह महा-वाक्य था, जिसने संसद में BALCO बेचने का mathematical justification पेश किया —और हमने भी मान लिया कि भारत सरकार का गणित 12वीं तक नहीं, बल्कि लॉबियों तक पढ़ा हुआ है।
अब आते हैं जमीनी हकीकत पर —
DIPAM ने क्या कहा?
BALCO में सरकार की हिस्सेदारी थी।
हर साल औसतन ₹5.69 करोड़ डिविडेंड के रूप में मिलता था।
उस हिस्सेदारी (51%) को बेचने से ₹826 करोड़ मिले।
सचिव महोदय का कथन : “हम इस 826 करोड़ को उधर लेते तो हमें सालाना 10% ब्याज देना पड़ता, अभी हम साल का 82.6 करोड़ कमाएंगे ”
और हुआ क्या?
Sterlite (अब Vedanta )ने takeover किया, BALCO अब उनके हाथ में है।
सरकार को ना डिविडेंड मिला, ना 10% ब्याज की कोई प्रमाणिक आय मिली।
और जिस ₹826 करोड़ की बात थी — वो कब, कहां, कैसे निवेश हुआ — उसका कोई audit, कोई return report आज तक संसद को नहीं मिला।
अब मज़े की बात:
₹5.69 करोड़ की annual guaranteed आय छोड़ दी —और जनता को देखने के लिए मिला
“Babaji ka Thullu Economics" 😂
सवाल | सरकार का जवाब | असली अर्थ |
BALCO मुनाफ़ा कमा रहा था? | हाँ, ₹5.69 करोड़ हर साल दे रहा था | फिर बेचा क्यों? |
₹826 करोड़ से 10% मिल रहा है? | theoretically, हाँ | practically, no trace |
अब क्या मिल रहा है? | Trade Secrets + Corporate Silence | मतलब – ठेंगा! |
जवाब कौन देगा? | DIPAM Secretary | …अज्ञातवास में |
संसद में सन्नाटा, कार्पोरेट में ठहाके!
सरकार संसद में जवाब तक नहीं दे पाई कि उस ₹826 करोड़ से अब तक क्या कमाई हुई।BALCO अब भी प्रॉफिट में है, पर सरकार को "न फायदा, न फाइल"।
निष्कर्ष :
“Public Sector ka Dividend gaya, Strategic Partner ka Silence aaya”– और देश ने सत्ता का नया मैथ्स सीख लिया:5.69 करोड़ > 82.60 करोड़, केवल Excel Sheet में।
बने रहिए! अगले लेख में और एक सनसनीखेज खुलासे के साथ आधुनिक उपनिवेशवाद के आगमन का स्वागत किया जाएगा



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